मेडम की प्यास

प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम को इतना मन से चाहने वालों को अपनी एक नई प्यार से भरी हुई बहुत मजेदार कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमे मैंने अपनी एक मेडम को बहुत जमकर चोदा उनकी प्यास के साथ साथ मैंने भी उनकी चुदाई के पूरे मज़े लिए और उनको मैंने बड़े मज़े लेकर चोदा। दोस्तों में उम्मीद करता हूँ कि यह मेरी सच्ची घटना आप लोगों को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों यह कहानी मेरी और सोनिया मेडम की है, सोनिया मेडम मेरे कॉलेज में कॉमर्स की प्रोफेसर है, वो दिखने में बहुत गोरी साथ में हॉट सेक्सी भी है। दोस्तों उनके मोटे मोटे बूब्स और मोटी गांड मुझे हमेशा उनकी तरफ आकर्षित करती, जिसको देखने के बाद में कभी कभी अपने घर पर उनके नाम से मुठ भी मारता और उनकी चुदाई के सपने देखा करता। दोस्तों क्योंकि वो चीज ही कुछ ऐसे है जिसको देखकर हर किसी का उनको चोदने का मन करने लगे और इसलिए पूरे कॉलेज में हर कोई उनके उस गोरे कातिल बदन का दीवाना पागल और उनको पाना चाहता है। दोस्तों उनकी उम्र 30 साल है और उनकी एक पांच साल की लड़की भी है, उनके पति बाहर नौकरी करते है जिसकी वजह से वो अक्सर बाहर ही रहते और वो दो चार महीने में कुछ दिनों के लिए अपने घर पर आते है।

दोस्तों उनके घर पर वो, उनकी बेटी, उनकी सास-ससुर और उनके दो देवर भी है, लेकिन मेडम के वो दोनों देवर भी कहीं बाहर नौकरी करते है और वो दोनों शादीशुदा है इसलिए वो अपनी पत्नियों के साथ ही बाहर रहते है। दोस्तों में उस समय अकाउंट्स के विषय में थोड़ा कमजोर था और इसलिए में एक दिन अपनी मेडम से अपनी ट्यूशन की बात करने चला गया, लेकिन पहले तो मेडम ने मुझसे मुझे पढ़ाने के लिए साफ साफ मना कर दिया, लेकिन दो दिन बाद मैंने दोबारा उनसे फोन करके पूछा, तब वो मान गई और फिर उसके बाद में उनके घर पर ट्यूशन जाने लगा। फिर में अपनी पढ़ाई कम और मेडम के उस सेक्सी बदन की बनावट को भी ज्यादा देखा करता क्योंकि मेडम के बूब्स बहुत मस्त थे, दोनों बूब्स ज्यादा बड़े होने की वजह से उनके कपड़ो से बाहर निकले होते और में उनको घूरकर देखता रहता। फिर उस वजह से में अब मेडम को पाने लिए उनको छूने के लिए बिल्कुल पागल हो चुका था और में मेडम के कुछ घर के काम भी कर देता, मेरी उनसे बहुत ही कम समय में बहुत अच्छी बातचीत हंसी मजाक होने लगा था। एक दिन मेडम ने मुझसे कहा कि संदीप मुझे कार को चलाना सीखना है बताओ में इसके लिए क्या करूं क्या तुम मुझे इसके लिए अच्छी राए दे सकते हो? अब मैंने उनको कहा कि हाँ ठीक है मेडम में खुद ही आपको गाड़ी चलाना सिखा दूंगा, लेकिन मेरे पेपर खत्म होने के बाद।

अब वो मेरी इस बात के लिए सहमत हो गई और में उनका यह जवाब और दूसरी बातें मन ही मन सोचकर बहुत खुश हुआ। दोस्तों मेडम के बेटी बहुत शैतान थी और वो बहुत मस्तियाँ किया करती, जब भी में अपनी पढ़ने उनके घर जाता तब वो मेडम को हमेशा बड़ा तंग किया करती, उस समय मेरे साथ मेरी क्लास की तीन लड़कियाँ और दो लड़के भी पढ़ते थे, लेकिन मेडम मुझे सबसे ज्यादा अच्छी तरह ध्यान देकर पढ़ाती थी, उनका भी मुझ पर ज्यादा ध्यान था। एक दिन मेडम उनके किसी रिश्तेदार की शादी में चली गई और वहां पर जाते समय रास्ते में उनकी कार खराब हो गयी। फिर मेडम ने मुझे फोन किया और कहा कि संदीप तुम अपनी गाड़ी लेकर जल्दी से कटरा रोड पर पहुँच जाओ में तुम्हारा यहीं पर इंतजार कर रही हूँ। फिर मैंने उनको कहा कि मेडम मेरे पास मोटरसाईकिल है में कार कहाँ से लेकर आऊंगा? तब मेडम ने मुझसे कहा कि कोई बात नहीं है तुम तो जल्दी से यहाँ पर आ जाओ क्योंकि अब शाम भी होने वाली है। फिर में उनकी बताई हुई जगह पर पहुंच गया, मैंने देखा कि मेडम ने अपनी कार को एक पेट्रोल पंप के पास में खड़ा किया था और में अपनी मोटरसाईकिल को लेकर जल्दी से पहुंच गया।

अब मेडम ने मेरे पहुंचने से पहले ही किसी गाड़ी ठीक करने वाले को फोन कर दिया था और फिर उन्होंने मेरे सामने अपने ड्राइवर को वहीं पर रहकर गाड़ी को ठीक करवाकर घर पर पहुँचाने के लिए कहा। अब मैंने देखा कि मेडम ने साड़ी पहनी हुई थी जिसमे मेडम बहुत सेक्सी लग रही थी, मैंने मेडम को अपनी मोटरसाईकिल पर बैठा लिया और में शादी वालों के घर के लिए चल पड़ा। दोस्तों उस समय मेडम मेरे बहुत करीब बैठी हुई थी जिसकी वजह से में जब भी ब्रेक लगाता, मेडम के बूब्स मेरी कमर से छु रहे थे और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर में खुद जानबूझ कर ब्रेक लगाकर मज़े लेता रहा, कुछ देर चलने मज़े करने के बाद में उनके रिश्तेदार के घर पर पहुंच गया मैंने उन्हें वहां उतार दिया और कुछ घंटे बाद में वहां से अपने घर पर आ गया। फिर उसके अगले दिन मेडम की कार भी ठीक होकर आ गई, लेकिन फिर भी मेडम ने कहा कि में तो मोटरसाईकिल से आ जाउंगी, उन्होंने मुझे फोन करके पहले ही बुला लिया। अब मेडम की बेटी उस कार में बैठकर अपने घर की तरफ चल पड़ी और हम दोनों बाइक पर बैठकर आने लगे में आज अपनी मोटरसाईकिल को 80 और 90 की गति में चला रहा था।

फिर कुछ देर बाद मेडम मुझसे कहने लगी कि संदीप कल मुझे बहुत जल्दी थी इसलिए मैंने तुमसे तेज गति में चलने पर कुछ नहीं कहा, लेकिन आज तो तुम आराम से चलो तुम्हे आज किस बात की जल्दी है? मैंने उनके कहने पर अपनी गाड़ी की गति को अब थोड़ा कम कर दिया और कुछ दूरी पर चलने के बाद हम दोनों ने रास्ते में रुककर एक रेस्टोरेंट में बर्गर और हॉटडॉग उसके साथ में कोल्ड ड्रिंक पी। फिर उसके बाद हम घर पहुंच गए, मैंने मेडम को उनके घर पर ले जाकर छोड़ दिया, मेडम ने मुझे अपनी तरफ से शरारती स्माइल दी और मुझसे टाटा किया। दोस्तों इस तरह में मेडम के घर आता जाता रहा और मेडम के पति से भी मेरी बहुत अच्छी तरह दोस्ती हो गई, हम दोनों साथ में स्नोकर और क्रिकेट खेलते और लोंग ड्राईव पर भी जाते। एक दिन की बात है उस दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी और वो बारिश दो दिन से बंद होने का नाम नहीं ले रही थी और उसकी वजह से मेरी ट्यूशन भी छुट गई। फिर उसी दिन मेडम ने मुझे फोन किया और वो मुझसे कहने लगी कि आज तुम ट्यूशन पढ़ने ज़रूर आना घर में कोई नहीं है। दोस्तों में मेडम की वो बात बिल्कुल भी नहीं समझा मैंने जाकर देखा कि अंकल भी जा चुके थे, मेडम घर में बिल्कुल अकेली थी क्योंकि घर के सभी लोग कहीं बाहर गए हुए थे।

अब पूरे घर में सिर्फ़ दो नौकर और मेडम थी, मेडम की लड़की भी उसके मामा के पास जा चुकी थी और में अपनी किताब को लेकर उस कमरे में जहाँ में पढ़ता था पहुंच गया। अब मैंने मेडम का करीब दस मिनट तक इंतजार किया मैंने सोच कि मेडम कहीं सोई तू नहीं है और इसलिए मैंने सोचा कि में मेडम के मोबाइल पर रिंग मारता हूँ शायद वो समझ जाए और मैंने मेडम का फोन नंबर डाइल किया, लेकिन एक मिनट तक मेडम ने फोन नहीं उठाया। अब मैंने सोचा की पक्का मेडम अपना मोबाइल शांत करके सोई होंगी, में धीरे धीरे मेडम के कमरे में जाने लगा और फिर मैंने देखा कि मेडम अपने कमरे में भी नहीं थी। तभी मुझे उनके बाथरूम से पानी के गिरने की आवाज आ रही थी। अब में शांत हो गया कि मेडम बाथरूम में है और अब मुझे मेडम के बाहर निकलने का इंतजार करना होगा, थोड़ी देर के बाद मेडम मेरे कमरे में आ गई और जब मैंने मेडम को देखा तो मेरे होश उड़ गए। दोस्तों क्योंकि उस समय मेडम मेक्सी में थी, जिसकी वजह से मेडम की ब्रा और पेंटी मुझे थोड़ी थोड़ी दिख रही थी। अब मैंने मेडम को नमस्ते कहा और वो मुझे जवाब देकर ठीक मेरे सामने आकर बैठ गई, मेडम ने मुझे अकाउंट की किताब खोलने के लिए कहा और मैंने ठीक वैसा ही किया, लेकिन थोड़ी देर के बाद मैंने मेडम से पूछा कि आज सभी घर वाले कहाँ है?

तब मेडम ने मुझसे कहा कि सारे घर वाले किसी काम से गाँव गए है और वो सब लोग परसो तक वापस आ जाएँगे। अब मैंने उनको कहा कि क्या आप इतने बड़े घर में बिल्कुल अकेली रहोगी? क्या आपको अकेले में डर नहीं लगता? तभी मेडम ने मुस्कुराकर कहा कि नहीं तुम जो हो यहाँ पर मेरे साथ फिर मुझे कैसा डर? अब में उनकी यह बात सुनकर बड़ा चकित हो गया, मैंने उनसे पूछा कि आपका कहने का क्या मतलब है मेडम? तभी मेडम ने आगे बढ़कर मेरे गाल पर एक चुम्मा किया। अब में उनसे बोला कि मेडम आप मेरे साथ यह क्या कर रहे हो? लेकिन दोस्तों मेडम कुछ नहीं बोली और उन्होंने मेरे लंड पर तुरंत अपना हाथ रख दिया में नाटक करते हुए तुरंत वहां से उठकर जाने लगा। अब मेडम ने मुझे हल्का सा धक्का देकर सोफे पर बैठा दिया, उसके बाद मेडम मुझसे बोली कि मेरी गुरुदक्षिणा कहाँ है? मैंने उनको पूछा कि मेडम वो क्या होता है? तब वो कहने लगी कि गुरु अपने छात्र से कुछ भी माँग सकता है कुछ भी और तुम क्या एकलव्य को जानते हो? जिसने अपने गुरु को उसके कहने पर अपना अंगूठा काटकर दे दिया था। अब में कहने लगा कि मेडम में यह सब नहीं कर सकता। फिर उसी समय मेडम ने कहा कि कोई बात नहीं है, जब तुम मेरा इतना काम करते हो तो तुम मेरा एक यह काम भी कर दो तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो।

अब मैंने उनको कहा कि मेडम आप मेरी मजबूरी का फायदा उठा रही हो। फिर उसी समय मेडम ने कहा कि कोई मजबूरी नहीं है और फिर मेडम मेरे होंठो पर चूमने लगी, मैंने मेडम को पीछे किया जिसकी वजह से मेडम गुस्से से बोली कि क्या संदीप तुम अकाउंट में कभी पास नहीं होना चाहते? तुम अपने घर पर फोन कर दो और कहो कि आज की रात तुम घर पर नहीं जा रहे हो। अब में बहुत मजबूर था इसलिए मैंने घर पर फोन कर दिया, मैंने अपने एक दोस्त के पास रुकने की बात कही, लेकिन दोस्तों में तो बहुत पहले से इस मौके की तलाश में था। फिर सबसे पहले मैंने सोचा कि यह मौके कहीं मेरे हाथ से चला नहीं जाए क्योंकि मेरा वो नाटक कहीं ज्यादा तो नहीं हो गया, लेकिन सब कुछ ठीक चल रहा था। अब मैंने टेबल को आगे की तरफ किया और मेडम की तरफ़ घूमकर मैंने मेडम को चूमना शुरू किया, मेडम के होंठो पर, गर्दन पर और गालों पर में उनको लगातार चूमता रहा और कुछ देर बाद में मेक्सी के ऊपर से ही मेडम के बूब्स को मसलने लगा था, जिसकी वजह से मेरा लंड अब तनकर खड़ा हो गया और वो मेडम की चूत को सलामी देने लगा था। अब मेरा लंड अपने पूरे जोश में था और अब उसको जल्दी से ठंडा करना बहुत जरूरी था।

अब मैंने सही मौका देखकर तुरंत अपनी पेंट को भी खोल दिया और उसके साथ साथ मैंने अपनी अंडरवियर को भी खोल दिया और मैंने अपनी अंडरवियर को जैसे ही खोलकर नीचे किया मेरा 6 इंच का मोटा लंड बाहर आकर खुली हवा में सरिए की तरह तनकर खड़ा हो गया। फिर उसको देखकर मेडम की आंखे चकित होकर खुली की खुली रह गई, वो बहुत ध्यान से मेरे लंड की लम्बाई मोटाई देख रही थी, उनकी नजर मेरे लंड से हटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। अब मैंने मेडम को मेरे लंड को चूसने के लिए कहा जिसके बाद मेडम नीचे झुककर मन ही मन बड़ी खुश होकर मेरा लंड चूसने लगी और करीब दस मिनट तक मेडम मेरे लंड को चूस रही थी। दोस्तों में बहुत चकित था क्योंकि वो किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरे लंड को चूसकर अपनी प्यास ओ बुझा रही थी, उनको देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि वो बहुत जोश में चुदाई के लिए प्यासी है। फिर लंड चूसने के बाद मैंने मेडम को खड़ा किया, उसके बाद मैंने मेडम की मेक्सी को खोल दिया और मैंने उनको उनकी ब्रा-पेंटी को भी उतारने के लिए कहा। फिर उन्होंने जल्दी से अपनी ब्रा-पेंटी को उतार दिया, उसके बाद मैंने मेडम को पलंग की तरफ़ उनका मुहं करके घूमने के लिए कहा मेडम पलंग को अच्छी तरह कसकर पकड़कर बैठ गई।

अब में सबसे पहले मैंने मेडम की चूत में अपनी दो उँगलियों को डालने लगा, करीब पांच मिनट तक मैंने अपनी दोनों उँगलियों को धीरे धीरे अंदर बाहर करके उनकी चूत में डालता रहा। फिर उसके बाद मैंने अपने लंड को बहुत सारा थूक लगाकर अपने एक हाथ से मेडम की कमर को पकड़ा और अपने दूसरे हाथ से अपने लंड को मैंने मेडम की चूत में डालना शुरू किया। अब मेडम ने अपने एक हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर जाने का ठीक रास्ता दिखाया और में धक्का लगाकर अपना मोटा लंड मेडम की चूत में डालने लगा। दोस्तों उस दर्द की वजह से मेडम सिसकियों की थोड़ी थोड़ी आवाज अपने मुहं से निकालने लगी वो आह्ह्हह्ह ऊईईईइ प्लीज थोड़ा आराम से करो उफ्फ्फ्फ़ तुम्हारा यह बहुत मोटा है मुझे बहुत दर्द हो रहा है कहने लगी। फिर करीब दस मिनट तक मैंने मेडम की किसी भी बात पर ध्यान दिए बिना में उनकी चूत में अपना लंड डालता रहा, मैंने उनको लगातार ज़ोर से धक्के लगाकर छोड़ा और जब मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला। फिर उसी समय मेडम बिस्तर पर लेट गई, तब वो मुझसे कहने लगी कि आह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ साले तूने यह सब कहाँ से सीखा? तू तो बड़े अच्छे तरीके से चुदाई करता है वाह मज़ा आ गया।

अब मैंने उनको कहा कि मेडम मैंने ब्लूफिल्म में देखकर यह सब कुछ सीख लिया है जिनमे बहुत सारे इस तरह के चुदाई करने के आसन होते है। फिर मेडम ने पूछा क्यों उसमे तो और भी बहुत सारे चुदाई के तरीके भी होंगे? मैंने उनको कहा कि हाँ में आज उन सब तरीको से आपकी चुदाई करूंगा और यह बात बोलने के बाद मैंने मेडम को होंठो पर चूमना शुरू किए और फिर में खुद बाथरूम में पेशाब करने चला गया। फिर पेशाब करने के बाद मैंने आकर मेडम के पैरों पर चूमा और मेडम की रस भरी चूत में पहले अपनी उंगली को अंदर-बाहर करने के बाद में अपनी जीभ से मेडम की चूत को बड़ी अच्छी तरह से चाटना लगा। अब में अपनी उंगली को उनकी चूत में डालकर उनकी चूत को खोलने लगा, करीब दस मिनट तक मैंने मेडम की चूत को चाटा मेडम आह्ह्ह्हह् उफ्फ्फ्फ्फ़ माँ मर गई की आवाज निकालने लगी। फिर उसके बाद में मेडम के ऊपर चढ़ गया और में अपने मोटे लंड को मेडम की चूत में डालने लगा, जिसकी वजह से मेडम अब ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी, लेकिन में फिर भी नहीं रुका और कुछ देर लगातार धक्के देने के बाद अब मैंने झड़कर अपना वीर्य मेडम की चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से मेडम बहुत खुश संतुष्ट नजर आने लगी थी।

अब में मेडम के पास लेट गया, उन्होंने मेरे लंड से खेलना उसको सहलाना शुरू किया कुछ देर बाद जब लंड दोबारा चुदाई के लिए तैयार हुआ, तब मैंने अपने लंड को मेडम की गांड में डालना शुरू किया और फिर में ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा और करीब दस मिनट तक ज़ोर से झटके देने के बाद मेरा लंड मेडम की गांड में चला गया। अब में उसके साथ ही साथ मेडम के बूब्स को भी चूमता प्यार करता रहा उनको दबाता भी रहा और मैंने मेडम के सेक्सी गोरे बूब्स को बड़ी अच्छी तरह चूसा और उनको अच्छी तरह से मसल रहा था और उनकी गांड में अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा। फिर उसके बाद मेडम को मैंने अपना लंड बाहर निकालने के लिए कहा वो मेरे नीचे से हट गई मैंने अपने लंड को हाथ से पकड़ा और मेडम को मैंने अपने सामने घोड़ी बनने के लिए कहा। फिर उसके बाद मैंने मेडम को उल्टा लटाकर मेडम के कूल्हों को थोड़ा ऊपर किया, जिसकी वजह से उनकी गांड और चूत अब ठीक मेरे सामने थी और में बारी बारी से अपना लंड कभी चूत तो कभी गांड में डालता रहा। दोस्तों में उनके दोनों छेद को अपने लंड के मज़े दे रहा था वो अब पूरी तरह से जोश में आ चुकी थी और मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े ले रही थी।

फिर कुछ देर बाद मैंने देखा कि बाहर बहुत ज़ोर से बारिश हो रही थी, मैंने मेडम को बाहर चलकर पानी में चुदाई करने के लिए कहा, मेडम मुझसे कहने लगी कि तुम मुझे अपनी गोद में उठाकर लेकर चलो। अब मैंने उनको कहा कि हाँ ठीक है और मैंने वैसा ही किया और फिर मैंने महसूस किया कि बारिश का पानी बहुत ठंडा था। अब मैंने मेडम को जमीन पर लेटा दिया और में अपने मोटे लंड को मेडम की चूत में डालने लगा, उनकी चुदाई करता रहा उसके साथ साथ बाहर हम करीब एक घंटे तक पानी में एक दूसरे को चूमते प्यार करते रहे। फिर उसके बाद मैंने झड़कर अपना पूरा वीर्य उनकी चूत में डाल दिया और उसके बाद हम दोनों ने अंदर आकर एक दूसरे के भीगे हुए बदन को टावल से साफ किया और हम वैसे ही पूरे नंगे एक दूसरे से चिपककर सो गए। फिर में सुबह उठा सबसे पहले तो मेडम ने मुझे चूमना शुरू किया उसके बाद मेडम मेरे लिए चाय लेने चली गई और फिर मेडम चाय लेकर आई। अब हम दोनों ने साथ में बैठकर चाय पी और एक दूसरे से बातें हंसी मजाक करते रहे, उसके बाद मेडम रसोई में नाश्ता बनाने चली गयी। फिर मैंने कुछ देर बाद मेडम के पीछ से जाकर मेडम की गांड के ऊपर हाथ फेरना शुरू किया और में उनकी गांड को शहद की तरह चाटने लगा।

फिर कुछ देर बाद मेडम ने मज़े जोश की वजह से अपने दोनों पैरों को खोल दिया और कुछ देर उनकी गांड को चाटने के बाद में नीचे लेट गया और मेडम ने मेरे होंठो के ऊपर अपनी खुली हुई कामुक चूत को रख किया, मैंने अपने दोनों हाथ से मेडम की गांड को पकड़ा और में मेडम की चूत को चाटने लगा। फिर कुछ देर बाद मेडम मेरे साथ 69 आसन में लेट गई और वो मेरे लंड को चूसने लगी, हम दोनों अपने अपने काम में लगे हुए थे, कुछ देर बाद मैंने मेडम को अंदर लाकर पलंग पर लेटा दिया। अब मैंने मेडम के दोनों पैरों को ऊपर किया और उनकी चूत को चाटा और उसके बाद में अपने लंड को चूत में डालकर अंदर-बाहर करने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने मेडम के एक पैर को सोफे पर रखा और दूसरे पैर को नीचे करके में अपने लंड को मेडम की चूत में डालने लगा और अपने एक हाथ से में मेडम के निप्पल को दबाने लगा। फिर उसके बाद मैंने मेडम के निप्पल को इस तरह ज़ोर से चूसा कि जैसे कोई छोटा भूखा बच्चा अपनी माँ के दूध को दम लगाकर पीता है और मैंने मेडम के निप्पल को बहुत अच्छी तरह से मसला। दोस्तों करीब बीस मिनट तक मैंने मेडम की चूत को चोदा और उसके बाद हम दोनों बाथरूम में चले गए और नहाने के टब में नहाकर के साथ ही हम पानी में खेलने और एक दूसरे के साथ मस्ती करने लगे।

दोस्तों वहां पर भी मैंने साबुन के झाग के साथ मेडम की गांड और चूत को अपना लंड अंदर डालकर धक्के मारे जमकर चुदाई के मज़े लिए। फिर कुछ देर बाद टब से बाहर निकलते ही मैंने मेडम को बाथरूम में नीचे जमीन पर लेटाकर ऊपर से पानी को चालू किया, वो पानी मेडम के ठीक निप्पल के ऊपर गिर रहा था और अब में अपने खड़े लंड को मेडम के सेक्सी बूब्स के बीच में रखकर मसलने लगा, में अपने लंड से उनके बूब्स को चोदने लगा। दोस्तों इस तरह मेडम को दो दिन तक मैंने बहुत खुलकर प्यार किया, मेडम ने अपने हाथ में लेकर मेरे लंड को हिलाया और मैंने अपने वीर्य को मेडम के मुहं बूब्स पर निकाल दिया। अब उन्होंने उसके बाद उठकर मेरे लंड को पानी से धो दिया और मैंने उनकी चूत-बूब्स को पानी डालकर साफ कर दिया और इस तरह मैंने मेडम को रात दिन बहुत प्यार किया। फिर जब भी कोई अच्छा मौका मिलता हम दोनों एक दूसरे को प्यार किया करते और ज्यादा अच्छा मौका मिलने पर हम चुदाई के भी बड़े मस्त मज़े लेते। दोस्तों अब में मेडम के पास अकेला अपनी पढ़ाई करता हूँ, जिसकी वजह से हमारा पढ़ने का तरीका भी बिल्कुल बदल गया है।

अब हम दोनों अपने अपने कपड़े खोलकर पढ़ते है मेडम हर दिन मुझे पढ़ाते समय मेरे सामने पूरी नंगी हो जाती है और मेडम ने अपने दरवाजे के पास एक अलार्म लगा दिया जिसकी वजह से जब भी कमरे की तरफ कोई भी आता है तो वो बजने लगता और हम जल्दी से अपने कपड़े पहन लेते। फिर रोज पढ़ाई करने के बाद हम दोनों एक दूसरे को चूमना चाटता प्यार भी करते और मेडम को सबसे पहले तो में उनकी पेंटी पर चुम्मा करता हूँ और उसके बाद में उनकी पेंटी को थोड़ा सा खोलकर चुम्मा किया करता।

दोस्तों अब हमारा यह प्यार कब तक चलेगा कोई पता नहीं, लेकिन मैंने मेडम की प्यास को शांत जरुर कर दिया है, वो मेरी चुदाई मेरे साथ और मेरे प्यार से बहुत खुश थी। दोस्तों यह थी मेरी अपनी मेडम के साथ उनकी सच्ची चुदाई की कहानी उस मौके का हम दोनों ने पूरा पूरा फायदा उठाकर बड़े मज़े लिए ।।

धन्यवाद …


Source: http://www.kamukta.com/feed/

You might also like More from author

Leave a Reply